- पिप (Pip)
- किसी करेंसी पेयर की सबसे छोटी स्टैंडर्ड प्राइस मूवमेंट — आमतौर पर चौथा दशमलव स्थान (जैसे 1.0900 से 1.0901 एक पिप है)।
- लॉट (Lot)
- एक स्टैंडर्ड ट्रेड साइज़। एक स्टैंडर्ड लॉट बेस करेंसी की 100,000 यूनिट्स होता है; मिनी और माइक्रो लॉट 10,000 और 1,000 यूनिट्स के होते हैं।
- स्प्रेड (Spread)
- खरीद (ask) और बिक्री (bid) प्राइस के बीच का अंतर — असल में हर पोजीशन में शामिल ब्रोकर की ट्रेडिंग लागत।
- लीवरेज (Leverage)
- उधार ली गई एक्सपोजर जो आपको अपनी जमा पूंजी से बड़ी पोजीशन कंट्रोल करने देती है। यह मुनाफे और नुकसान — दोनों को बढ़ा देती है।
- मार्जिन (Margin)
- आपके अकाउंट बैलेंस का वह हिस्सा जो लीवरेज्ड पोजीशन खोलने और बनाए रखने के लिए कोलैटरल के तौर पर अलग रखा जाता है।
- स्टॉप-लॉस (Stop-loss)
- एक ऑर्डर जो मार्केट के खिलाफ जाने पर आपके नुकसान को सीमित करने के लिए तय प्राइस पर अपने आप ट्रेड बंद कर देता है।
- टेक-प्रॉफिट (Take-profit)
- एक ऑर्डर जो टारगेट प्रॉफिट लेवल तक पहुंचने पर अपने आप ट्रेड बंद कर देता है।
- वोलैटिलिटी (Volatility)
- प्राइस कितना और कितनी तेजी से मूव करता है। ज्यादा वोलैटिलिटी का मतलब है दोनों दिशाओं में बड़ी संभावित मूवमेंट।
- लिक्विडिटी (Liquidity)
- बिना प्राइस को ज्यादा हिलाए किसी पेयर को कितनी आसानी से खरीदा या बेचा जा सकता है। EUR/USD जैसे मेजर पेयर्स हाई लिक्विड होते हैं।
- बेस करेंसी / कोट करेंसी
- EUR/USD जैसे पेयर में, EUR बेस है और USD कोट — प्राइस बताता है कि बेस करेंसी की एक यूनिट से कितनी कोट करेंसी मिलती है।
फॉरेक्स ट्रेडिंग शब्दकोश
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